रविवार, 1 जनवरी 2023

आदर्श विद्यार्थी!!

 एक विद्यार्थी को जीवन में सफल होने के लिए किन नियमों का पालन करना चाहिए?

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१. कभी-कभी टीवी के सभी चैनल बदलने के बाद आपको कुछ समझ नही आता और आप रिमोट रख के शांत बैठ जाते है। बस ये बात आपको यह सिखाती है कि पढ़ते समय अकसर ऐसी परिस्थितियों का सामना होता है। तो शांत बैठ जाइए, कुछ ना सोचिये और फिर उस घण्टे या दिन के बाद फिर से शुरुआत कीजिये। देखियेगा, मनपसंद चैनल पर बेहतरीन चैनल की तरह पढ़ाई में मन लगने लगेगा।

२. एक जंगल मे एक बाबा रोज़ गीता का पाठ करते। घण्टो वहां उनके शिष्य सुनते और चले जाते। वहां आश्रम में काम करने वाला नौकर भी काम करते हुए सुनता वही पाठ। एक दिन वही नौकर एक सन्त महात्मा बन गए। अर्थात विद्यार्थी जीवन में आपको सोते जागते अपने ज्ञान-चक्षु खुले रखने है। पढ़ाई का अर्थ यह नही कि इम्तेहान में लिखा और प्रतिशत ले आये।

विद्यार्थी जीवनकाल नरम साबुन की तरह है जिसमे चाबियों के निशान बन जाते है। यही चाबियां भविष्य के हर ताले खोल देंगी।

३. यदि माँ कहे कि बेटा मेरे पास सिर्फ कुछ ही पैसे है तो तुम्हे या तो चॉक्लेट दिला सकती हूं या खिलौना। तब आपके अंदर का बचपना आपको फटाक से उत्तर दे देता है कि क्या चाहिए। बस उसी तरह अपने अंदर के बड्डपन से ये निर्धारित कीजिये कि क्या पढ़ना ज्यादा लाभकारी है यदि समय कम हो तो। तभी देखियेगा, की इम्तेहान की मिठास आपको मिलेगी।

४. राजू के पास 40 हजार की बाइक है, और सूरज के पास 40 लाख की कार। इसके लिए सूरज ने बहुत लोगो से उधार लिया हुआ है। आप किसे सन्तुष्ट मानेंगे? बस वही बात विद्यार्थी जीवन मे आपको सीखना है। यदि आप समझकर अच्छे से पढ़ कर 60 या 70% भी लाते है तो आप ज्यादा महान हैं ना कि बिना समझे, रट के 90% लाएं तो।

५. जब आप बहुत गर्म या बहुत तीखा खा लेते है तो तुरंत बर्फ या मीठा खाते है ताकि आपके स्वाद और मुँह का संतुलन बरकरार रहे। बस उसी तरह यदि आप कभी बहुत पढ़ लें तो बहुत छुटियाँ भी लें और मजे करे। और यदि आप बहुत छुटियाँ या आलस्य का मज़ा ले चुके हैं, तो अब वक़्त है कि खूब पढ़ें और संतुलन बनाएं।

६. आपने एक नई चप्पल खरीदी। शान से सूट बूट पहन के निकले। आलीशान कार में बैठ कर कहीं गए। जैसे ही आप उतरे, आपकी नई चप्पल में कील घुस गया और आपको चोट आ गयी। समझ आया कुछ? विद्यार्थी जीवन बिल्कुल ऐसा है। आप पढ़ें, लेकिन कभी उसपर घमंड करके अशिक्षित लोगो का उपहास ना बनाये बल्कि उनका सम्मान और सहयोग करें। यह विद्यार्थी जीवन में आपको प्रतिशत तो नही दिलाएगा लेकिन आपके जीवन के पाठ भी विद्यार्थी जीवन का ही भाग है।

सबसे महत्वपूर्ण बात-

सभी की जिंदगी अलग होती है, सभी के नजरिये अलग होते है तो सभी के लिए सफलता की परिभाषा भी अलग ही होती होगी ना!! 

किसी के लिए पैसा कमाना सफलता है, किसी के लिए नाम, किसी के लिए सरकारी नौकरी तो किसी के लिए प्राइवेट, किसी के लिए अपने पिता का बिज़नेस सम्हालना सफलता है तो किसी के लिए अपना बिज़नेस चालू करना, इत्यादि इत्यादि।

इसलिए, " किसी दूसरे की सफलता के जूते में अपने पैर ना डालें। खुद के जूते से खुद के कदम चलिये और वास्तव में यही सफलता है " @anonymous

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